मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Saturday, March 4, 2017
कद इरादों का.....सुरेश शर्मा
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हम करेंगे मुकाबला बुरे दिनों का ताकि, अच्छे दिनों कि छांव में मुस्करा सकें बुरे दिनों की पराजय पर! हम चढ़ेंगे दुर्गम च...
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Friday, March 3, 2017
पता नहीं...........डॉ. अमरजीत कौंके
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पता नहीं कितनी प्यास थी उसके भीतर कि मैं जिसे अपने समुद्रों पर बहुत गर्व था उसके सामने पानी का एक छोटा-सा क़तरा बन ...
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Thursday, March 2, 2017
कितने कीमती लम्हे थे....सीमा 'सदा' सिघल
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हर बार मेरे हिस्से तुम्हारी दूरियाँ आईं नजदीकियों ने हँसकर जब भी विदा किया एक कोना उदासी का लिपट कर तुम्हारे काँधे से सिसका पल भर को ...
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Wednesday, March 1, 2017
गुरमेहर प्रकरण : दो मिनट का मौन............सुशोभित सक्तावत
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भारत विचित्र देश है। तर्कसंगति यहां सर्वाधिक असंभव विचार है। तथ्य तो कल्पना है। महत्व केवल अमूर्त संवेगों और भावनात्मक अपील का है, जिस...
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देख तेरे सर पर ताज सजा है........निधि सक्सेना
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खामोश सहमी सर झुका कर खड़ी बेटी को देख छलकते हृदय से पिता ने उसे अंक में भर लिया.. स्वर संयत कर दृढ़ आवाज़ में बोले...
Tuesday, February 28, 2017
खुल जा सिम-सिम........डॉ. सरोज गुप्ता
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बाखुशी दी चाबी आप को ! दिखाओ न आँखें बाप को !! बुझी राख में भी है आग ! धुआं न समझो भाप को !! हार जीत तो होती रहती है ! ...
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Monday, February 27, 2017
21वीं सदी की बेटी...............आकांक्षा यादव
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जवानी की दहलीज पर कदम रख चुकी बेटी को माँ ने सिखाये उसके कर्तव्य ठीक वेैसे ही जैसे सिखाया था उनकी माँ ने पर उन्हें क्या पता ये इक्की...
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