मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह

Tuesday, October 4, 2016

क्षणिकाएँ (हास्य-व्यंग्य).......विशाल शुक्ल

›
क्षणिकाएँ (हास्य-व्यंग्य) पड़ोसियों के प्यार की कहानी पति को तब समझ आई जब पत्नी पड़ोसी संग हो गई हवा-हवाई नेता और ...
4 comments:
Monday, October 3, 2016

तेरी बातें तेरी ख़ुशबू हैं .........नादिर खान

›
नाम अल्लाह का लेकर मै निकल जाऊँगा  मै जो हालात का मारा हूँ, संभल जाऊँगा | दूर मंज़िल है बहुत राह में दुश्वारी भी हाथ में हाथ दे...
1 comment:
Sunday, October 2, 2016

बस ख़्याले बुनता रहूँ............सुशील यादव

›
अँधेरे में दुआ करूँ, ऐ ख़ुदा परछाई दे बेख़्याली में निकले, जो नाम सुनाई दे करवट न बदलूँ, कोई ख़्वाब न देखूँ नीद से उठते तेरी, या...
1 comment:
Saturday, October 1, 2016

उग्रवाद ने नाप देख ली....कवि कमल 'आग्नेय'

›
किसी के इतने पास न जा से.. पीओके में सीमा पार जाकर सेना की साहसिक कार्रवाही पर  कवि कमल आग्नेय की रचना- राष्ट्रद्रोह के रावण क...
1 comment:

अहसास!.........अशोक परुथी "मतवाला"

›
मुझे  उनकी यह बात  बहुत अखरती है, मुझे... समय से पहले  बूढ़ा करती हैं  मेरी ... आत्मा को, झँझोड़ती है  जब... कुछ हम-उम्र...
3 comments:
Friday, September 30, 2016

लग गया झटका......दिग्विजय अग्रवाल

›
लग गया झटका 440 व्होल्ट का  कुछ नामी-गिरामी लोगों से आत्मीयता हो गई वो कुछ इतनी हुई  कि मैं क्या बताऊँ उनका कहना था... ये न...
2 comments:
Thursday, September 29, 2016

शैतान हँस रहा है........नादिर खान

›
लड़की चीख़ी चिल्लायी भी मगर हैवानों के कान बंद पड़े थे नहीं सुन पाये उसकी आवाज़ का दर्द वह रोयी बहुत आँखों से उसके...
3 comments:
‹
›
Home
View web version

Contributors

  • Digvijay Agrawal
  • Sweta sinha
  • yashoda Agrawal
Powered by Blogger.