मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Tuesday, October 27, 2015
कितने सागर कितनी नदियां कितनी नावें....शुभ्रा ठाकुर, रायपुर
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एक तुम्हारी याद चली आती है चुपचाप दबे कदमों से सहमी साँसों के साथ कितने सागर कितनी नदियां कितनी नावें टतबंध सारे तोड़...
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Sunday, October 25, 2015
मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए....... साहिर लुधियानवी
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उनकी पुण्यतिथि पर विशेष 25 अक्टूबर, 1980 मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए ज़मीं सख़्त है आस...
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Sunday, October 4, 2015
चांद पर मेरी उदासी छा जाएगी...स्मृति आदित्य
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कल पिघलती चांदनी में देखकर अकेली मुझको तुम्हारा प्यार चलकर मेरे पास आया था चांद बहुत खिल गया था। आज बिखरती चांदनी मे...
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Tuesday, September 29, 2015
कोई रंगीन सी उगती हुई कविता.... फाल्गुनी
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रख दो इन कांपती हथेलियों पर कुछ गुलाबी अक्षर कुछ भीगी हुई नीली मात्राएं बादामी होता जीवन का व्याकरण, चाहती हूं कि उग ही आए कोई...
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Wednesday, September 16, 2015
मैं भी हूँ मुझको कुछ करने की इजाज़त दे दो.....नुरूलअमीन "नूर "
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अब मेरे दिल को धडकने की इजाज़त दे दो अपने दिलकी तरफ चलने की इजाज़त दे दो मांगकर देख लिया कुछ नहीं हुआ हासिल हमें भी आँखें मस...
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Saturday, September 12, 2015
उम्मीद-ए-वफा रखता हूँ....... नुरूलअमीन "नूर "
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ठोकर लगाकर जा रहे हो दिल को पत्थर जान कर जान भी लेजा मेरी एक छोटा सा एहसान कर मुझको कया दिखलाते हो एहद ओ वफा के द...
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Thursday, September 10, 2015
लौट-लौट कर आएगा तुम्हारे पास..... स्मृति आदित्य
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मन परिंदा है रूठता है उड़ता है उड़ता चला जाता है दूर..कहीं दूर फिर रूकता है ठहरता है, सोचता है, आकुल हो उठता है नहीं...
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