मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Friday, July 31, 2015
कड़वी तीरगी पसरी हुई है............नवनीत शर्मा
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तुम्हें लगता है कड़वी तीरगी पसरी हुई है ज़रा सी आंख खोलो, रोशनी फैली हुर्इ है किसी आवाज़ से मिलती नहीं आवाज़ वैसी वो इक आवाज़...
Wednesday, July 29, 2015
आप भी ऐसा कर सकते हैं...संकलन याहू ग्रुप से
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आप भी ऐसा कर सकते हैं... बस आवश्यकता है धैर्य की एकाग्रता की Intricate Sculptures Carved from a Single Pencil सोनू विशाल
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Sunday, July 26, 2015
If you don’t like something, change it.,,,Vishal Das
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Wanna go to India? Leh–Manali highway in Northern India probably has the most unusual road signs in the world. ...
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Saturday, July 25, 2015
कुछ नई परिभाषाएँ...निधि मेहरोत्रा
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व्यापारी प्यार है क्या सोचो तो ज़रा दिल की जेब में खनकती रेज़गारी है डॉक्टर प्यार है क्या सोचो तो ज़रा अमां ये तो इक लाइलाज बीमारी ह...
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Friday, July 24, 2015
आगे तो बढ़ !.....................अनुज तिवारी
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राह देखती , तेरे इन्तजार मे , राहें भी आज ! १ ! आगे तो बढ़ ! हौसला है तुझमे , कदम बढ़ा ! २ ! कन्धे पे जमीं ! आसमान प...
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Wednesday, July 22, 2015
नहीं जानती क्यों................फाल्गुनी
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नहीं जानती क्यों अचानक सरसराती धूल के साथ हमारे बीच भर जाती है आंधियां और हम शब्दहीन घास से बस नम खड़े रह जाते हैं नहीं ...
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Tuesday, July 21, 2015
ज़िक्र जिस दम भी छिड़ा..........गोपाल दास सक्सेना "नीरज"
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जब चले जाएंगे लौट के सावन की तरह , याद आएंगे प्रथम प्यार के चुम्बन की तरह ज़िक्र जिस दम भी छिड़ा उनकी गली में मेरा जाने शरमाए...
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