मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह

Sunday, December 30, 2012

स्वीकार करना सीखिए.......सुरेश अग्रवाल 'अधीर'

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जिंदगी में इस तरह आप, ना कभी रोना सीखिए, जिस तरह की दे रब जिंदगी, उसे जीना सीखिए । फूलों की सी सेज होती नहीं है, हर वक्त जिंदगी , ग़म,...
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Thursday, December 27, 2012

तुम्हारे नेह का हरसिंगार...............'फाल्गुनी'

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नहीं दिखता तुम्हारी आँखों में अब वो शहदीया राज नहीं खिलता देखकर तुम्हें मेरे मन का अमलतास,  नहीं गुदगुदाते तुम्हारी सुरीली आँखों...
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Monday, December 24, 2012

दामिनी यानी बिजली................."फाल्गुनी"

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वह हरदम चहकती रहती, बिंदास और बेबाक। अन्याय वह सहन कर ही नहीं सकती। यही कहा है 'दामिनी' के भाई ने। 'दामिनी...
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Sunday, December 23, 2012

तोड़ कर झिझोड़ दिया क्यूँ.......इतनी वहशत से .....अलका गुप्ता

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हौसले अरमान सभी होंगे पूरे एक दिन इक आस थी | समेट लुंगी बाहों में खुशियाँ सारी यही इक आस थी || तोड़ कर झिझोड़ दिया क्यूँ.......इतनी वहशत ...
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Wednesday, December 19, 2012

वो जितना रोई होगी बस में दिल्ली की लड़की मेरी आंखों के आंसू भी सुखाए उसी पगली ने.....गिरीश मुकुल

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हां सदमा मग़र हादसा देखा नहीं कोई ! और न तो साथ मेरे जुड़ती है कहानी हादसे जैसी……!! मग़र नि:शब्द क्यों हूं..? सोचता हूं अपने चेहरे पे सहज...
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क्या लिखूं, कैसे लिखूं.....................रामचरण शर्मा 'मधुकर'

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किस-किसकी बात लिखूं मैं सोच रहा हूं क्या लिखूं, कैसे लिखूं मानव की भूख लिखूं या पीड़ा का संसार लिखूं पावन दिवाली के संग जलते आचार लिखूं कु...
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जियो उस प्यार में जो मैंने तुम्हें दिया है.........अज्ञेय

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जियो उस प्यार में जो मैंने तुम्हें दिया है, उस दु:ख में नहीं जिसे बेझिझक मैंने पिया है। उस गान में जियो जो मैंने तुम्हें सुनाया है, उस आ...
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Contributors

  • Digvijay Agrawal
  • Sweta sinha
  • yashoda Agrawal
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