मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह

Tuesday, May 29, 2012

जी रहे हैं हम कफ़न ओढ़े हुए !!.............राहुल गुप्ता स्पर्शी

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जिन्दगी की हर ख़ुशी छोड़े हुए ! जी रहे हैं हम, कफ़न ओढ़े हुए !! ००००००००००० जान से अपनी जुड़े गम ही रहे ! कभी हुए ज्यादा, कभी थोड़े हुए !...
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Tuesday, May 22, 2012

साथ में चले वो क़ाफ़िला रहा..........स्व. पण्डित कृष्णानन्द चौबे

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हमको शिकायतें रहीं, उनको गिला रहा, मुद्दत से बहरहाल यही सिलसिला रहा ! मेरे खुतूत कैसे रकीबों ने पढ़ लिये, लगता है नामावर मेरा उनसे मिला...
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Monday, May 21, 2012

तआक़ुब में गई सारी जवानी.......अमजद इस्लाम 'अमजद'

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मैं भींगती आँखों से उसे कैसे हटाऊँ मुश्किल है बहुत अब्र में दीवार उठानी अब्र = घटा, निकला था तुझे ढूंढने इक हिज्र का तारा फिर उसके तआक़ुब...
Sunday, May 20, 2012

बोझिल आहें देती हैं दुहाई...............दीप्ति शर्मा

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अथाह मन की गहराई और मन में उठी वो बातें हर तरफ है सन्नाटा और ख़ामोश लफ़्ज़ों में कही मेरी कोई बात किसी ने भी समझ नहीं पायी कानों में गूँज...
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Saturday, May 5, 2012

मिज़ाज पत्थर का.......डॉ. मोईनुद्दीन ‘शाहीन’

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हर तरफ है रिवाज पत्थर का रिश्ते-नाते, समाज पत्थर का   नाव काग़ज़ की चल न पाई तो कीजिए काम-काज पत्थर का पूछते हैं तबीब आ आकर रोज़ हमसे ...
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Monday, April 30, 2012

एक गीत कोयल का सुना दो...............विवेक रतन सिंग

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एक रुपहली रात  हम दोनों हैं साथ  चुप -चुप मैं और तुम  चाँद कहे अपने दिलों की बात  ******************  अँधेरे में सपनों की  बस होने दो...
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Wednesday, April 25, 2012

चांद के पास जो सितारा है.........ज्योति जैन

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दूज के चांद के पास टिमटिमाते तारे-सा अस्तित्‍व मेरा। रोशनी से उसकी प्रदीप्‍त होता वजूद। पर खुश हूं इस अस्तित्‍व से, जो जुदा नहीं चांद से...
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  • Digvijay Agrawal
  • Sweta sinha
  • yashoda Agrawal
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