मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Tuesday, January 24, 2012
अपनी राहें सब भूल गया..........................सत्यम शिवम
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मै राह तुम्हारी देखते ही, अपनी राहें सब भूल गया, मँजिल भी तो अब तुम ही हो, तेरे इंतजार के सिवा अब और क्या? अंतिम साँसों की धुन पर, य...
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दोस्त से दुश्मन भला है............................चरण लाल
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दोस्त से दुश्मन भला है दोस्त से दुश्मन भला है दोस्तों ये पुराना सिलसिला है दोस्तों दुश्मनों से न कोई शिकवा रहा दोस्तों से ही गिला है दो...
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Thursday, January 19, 2012
ये अशआर भी है नम...............देवी नागरानी
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बहता रहा जो दर्द का सैलाब था न कम आँखें भी रो रही हैं, ये अशआर भी है नम। जिस शाख पर खड़ा था वो, उसको ही काटता नादां न जाने खुद पे ही करत...
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Wednesday, January 4, 2012
अब क्या करना है..........................दीप्ति शर्मा
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इत्मिनान से जी लूँ लिख लूँ कुछ नगमें जो ज़ज्बात से भरें हों फिर सोचूँगी की मुझे अब क्या करना है | गढ़ लूँ कुछ नये आयाम सतत बढूँ दीर्...
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आधुनिका...............सिद्धार्थ सिन्हा
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अमीरों की फेहरिश्त में, मैंने सुना आती हैं वो, मैं सोचकर यह स्तब्ध हुआ, इतना पैसा- करती हैं क्या? मैं मानता था - मजबूरी है, क...
Tuesday, January 3, 2012
नए साल का शोर है......................गोविंद सेन
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नए साल का शोर है, नई नहीं है बात। महज नाम ही बदलते, कब बदले हालात॥ वही दिसंबर-जनवरी, वही फरवरी-मार्च। नहीं फेंकती रोशनी, बिगड़ गई है टार...
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छोड़ जाएँगे ये जहाँ तन्हा.........................मीना कुमारी
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चाँद तन्हा है आस्माँ तन्हा दिल मिला है कहाँ-कहाँ तन्हा बुझ गई आस, छुप गया तारा थरथराता रहा धुआँ तन्हा ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं ...
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